Traffic Safety Initiative: राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। बढ़ते सड़क हादसों और ओवर स्पीडिंग पर नियंत्रण पाने के लिए अब हाईवे पर अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से लैस कैमरे लगाए जा रहे हैं। जयपुर-दिल्ली हाईवे से शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकना और दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
हाईवे पर हाइ-टेक कैमरों की तैनाती
राजस्थान के स्टेट और नेशनल हाईवे पर आईटीएमएस कैमरों की स्थापना की जा रही है। जयपुर-दिल्ली हाईवे पर प्रथम चरण में कैमरे लगाने का कार्य प्रगति पर है। इस योजना के तहत स्टेट हाईवे पर 510 स्थानों पर 1416 कैमरे और नेशनल हाईवे पर 788 स्थानों पर 2360 कैमरे लगाए जाएंगे। जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र और जयपुर ग्रामीण में विभिन्न स्थानों पर भी इन कैमरों की तैनाती की जा रही है।
जानें कैसे काम करेंगे कैमरे
आईटीएमएस कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित हैं जो हर गुजरने वाले वाहन की स्पीड और नंबर प्लेट को रीड करेंगे। ओवर स्पीड, गलत दिशा, और गलत लेन जैसी यातायात नियमों के उल्लंघन पर ऑटोमेटिक चालान जारी होगा। चोरी हुए वाहनों की पहचान के लिए भी ये कैमरे मददगार साबित होंगे, जिससे उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा।
दुर्घटनाओं में कमी की उम्मीद
इन कैमरों की स्थापना के बाद सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। उच्च गुणवत्ता वाले ये कैमरे ओवर स्पीड और अन्य उल्लंघनों पर नजर रखेंगे, जिससे स्वतः चालान कट जाएगा। यह पहल न केवल सड़क हादसों को कम करेगी, बल्कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करेगी।
आगे की तैयारी
मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाइवे और अजमेर-दिल्ली हाइवे पर भी आईटीएमएस कैमरों की स्थापना प्रस्तावित है। विभिन्न पुलियों और चौराहों पर ये कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे हर वाहन की गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सकेगी। इस पहल से राजस्थान में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात का सपना साकार होता नजर आ रहा है।


