Amrita Haat Fair 2025: महिलाओं के हुनर और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित अमृता हाट मेला 2025 का शुभारंभ बुधवार को सीकर के जयपुर रोड स्थित अर्बन हाट परिसर में हुआ।
मेले का भव्य उद्घाटन और उद्देश्य
जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने फीता काटकर इस मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का दौरा करते हुए वहां प्रदर्शित उत्पादों की सराहना की। कलेक्टर ने आमजन से आग्रह किया कि वे बड़ी संख्या में मेले में आएं और स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं। इस मेले का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के हुनर और स्वावलंबन को प्रोत्साहित करना है।
खरीदारी और स्वाद का अनोखा अनुभव
दशहरा और दीपावली के मद्देनजर मेले में विशेष खरीदारी की व्यवस्था की गई है। यहां हैंडलूम, हस्तशिल्प, जैविक मसाले, शेखावाटी परिधान, ऊनी वस्त्र, आभूषण, घरेलू सजावट सामग्री और कॉस्मेटिक उत्पाद मौजूद हैं। खाने के शौकीनों के लिए दक्षिण भारतीय व्यंजन, गुजराती थाली, बाजरे के बिस्किट, और विभिन्न प्रकार के अचार व स्नैक्स उपलब्ध हैं।
सांस्कृतिक संध्या और मनोरंजन
महिला अधिकारिता उपनिदेशक राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि मेले में हर शाम रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इनमें राजस्थानी लोक कलाकारों द्वारा डांडिया नाइट, लाइव सिंगिंग शो, ओपन थिएटर और लाख कला प्रदर्शन शामिल हैं। इसके अलावा, विभागीय जागरूकता कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी जो दर्शकों का मुख्य आकर्षण होंगी।
महिलाओं के लिए विशेष प्रतियोगिताएं
महिलाओं और बालिकाओं के लिए मेले में कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं, जैसे मेहंदी प्रतियोगिता, पारंपरिक वेशभूषा, दीपावली सजावट, बिना आग के व्यंजन निर्माण, और लोकनृत्य व पेंटिंग। गोपीनाथ परिवार द्वारा आयोजित डिवोशनल नाइट इस मेले की विशेष आकर्षण होगी।
महिला सशक्तिकरण की ओर कदम
राजीविका, महिला अधिकारिता विभाग और जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से आयोजित यह मेला महिलाओं को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है। इस मंच के माध्यम से लोकल फॉर वोकल को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो डिवोशनल, ट्रेडिशनल और सोशल पहलुओं को एक साथ लाता है।
प्रशासनिक सहभागिता
इस अवसर पर उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल, कविता चौधरी, जिला उद्योग केन्द्र महाप्रबंधक विकास सिहाग, सहायक निदेशक पूरण मल, इंदिरा शर्मा, अनु शर्मा, राजीविका डीपीएम अर्चना मौर्य, राकेश लाटा, जिला साक्षरता अधिकारी चंद्रप्रकाश महर्षि और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।


